रीवा के बोदाबाग में सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण और रजिस्ट्री में गड़बड़ी का मामला सामने आया है। हाईकोर्ट आदेश के बाद कार्रवाई जारी, 31 मार्च के फैसले के बाद बुलडोजर चलने की तैयारी है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने संभल में तालाब की जमीन पर बनी मस्जिद के मामले में कमेटी की याचिका खारिज कर दी। 2 अक्टूबर को प्रशासन ने शुरू की थी बुलडोजर कार्रवाई। जानें जस्टिस दिनेश पाठक की बेंच का फैसला और मस्जिद कमेटी को निचली अदालत में अपील करने का निर्देश।
रीवा कलेक्ट्रेट की 3000 स्क्वेयर फीट ज़मीन इंडियन काफी हाउस को मात्र ₹500 के स्टांप पर लीज पर दे दी गई, वो भी बिना खसरा नंबर दर्ज किए। अनुबंध में नियमों की भारी अनदेखी की गई है। प्रशासनिक अफसरों की हड़बड़ी और मनमानी ने पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मध्यप्रदेश की मोहन कैबिनेट ने मऊगंज और पांढुर्णा में सरकारी जमीन पर बीजेपी कार्यालय बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। जानें जबलपुर में अस्पताल और मुरैना में बिजली परियोजना से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण फैसलों के बारे में।
रीवा कलेक्ट्रेट परिसर की करोड़ों की जमीन को सिर्फ 5 हजार रुपए मासिक किराए पर इंडियन कॉफी हाउस को दे दिया गया। बिना टेंडर और पारदर्शिता के हुआ एग्रीमेंट, जबकि इस जमीन की कीमत करीब 9 करोड़ है। स्थानीय व्यापारियों को मौका तक नहीं दिया गया।
















